दुनिया की सेहत के लिए अच्छी है पहाड़ों पर बर्फबारी

हिमालय के पहाड़ों पर भारी बर्फबारी से पूरा उत्तर भारत शीत लहर की चपेट में आ गया है। कश्मीर में बर्फ गिरने से जन जीवन ठप होकर रह गया है। सैलानी कुदरत की इस उदारता का मजा ले रहे है। स्थानीय लोगों के लिए जिंदगी को चलना मुश्किल हो गया है। एक बर्फीले तूफान की जद में आने से भारतीय सेना के आधा दर्जन जवान भी लापता है। श्रीनगर का तापमान लंदन के बराबर 3 डिग्री सैल्सियस तक पहुंच गया है। वैष्णो देवी के यात्रियों के लिए हैलीकॉप्टर और बैटरी कार की सुविधा को बंद कर दिया गया है। जम्मू श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग को एक तरफ से यातायात के लिए खोला गया है।

हिमाचल प्रदेश में भी भारी बर्फ पड़ने से रोहतांग पास को जाने वाली सड़क को बंद कर दिया है। इस सड़क को अब अगले वर्ष मार्च में खोला जायेगा। सर्दियों में घनी बर्फबारी के चलते रोहतांग को जाने वाला रास्ता साल में पांच महीने ही टूरिस्ट के लिए खोला जाता है। वैसे रोहतांग जाने के लिए एक सुरंग का निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है। जम्मू कश्मीर की पटनीटाप सुरंग के बाद रोहतांग सुरंग देश की सबसे बड़ी सुरंग है। अगले वर्ष इसके शुरू होने के बाद सर्दियों में किन्नौर, लाहौल और स्पिति जाने वालों को निराश नहीं होना पड़ेगा । इस सुरंग से मनाली और किलोंग का रास्ता भी साठ किलोमीटर कम हो जायेगा ।

उत्तराखंड में बर्फ गिरने से चारों प्रमुख तीर्थ स्थल केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री सफेद चादर से ढक गए है। बर्फबारी के साथ बरसात होने से लोगों की मुश्किलें बढ़ रही है। तीन हजार फ़ीट की ऊंचाई पर स्थित चमौली, रुद्रप्रयाग और उत्तरकांशी जिले दो फ़ीट तक बर्फ की मार में है। बरसात के कारण चीन की सीमा की तरफ जाने वाला एक पुल भी ढह गया है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक हालत में सुधार की भविष्यवाणी की है।

सर्दियों के मौसम में पहाड़ों पर बर्फ गिरना दुनिया की सेहत के लिए अच्छा संकेत है। ग्लोबल वार्मिंग के इस युग में ग्लेशियर पिघलने से कई द्वीप और तटीय शहरों के अस्तित्व पर प्रश्न चिन्ह लगा हुआ है। भौतिक विज्ञानं के अनुसार धरती पर किसी भी तत्व की कुल मात्रा एक रहती है और उसकी शक्ल बदलती है। पानी अगर बर्फ की शक्ल में पहाड़ों पर रहेगा तो समुंद्र में पानी की मात्रा द्वीपों और तटीय शहरों के लिए खतरा नहीं बनेगी। इसके अलावा पहाड़ों की बर्फ गर्मियों में पृथ्वी के रेफ्रिजरेटर का काम करती है। यदि पहाड़ों पर बर्फ न हो तो गर्मियों में हमारे लिए जीना दूभर हो जाए। कड़ाके की सर्दी धरती पर बहुत से हानिकारक जीवाणुओं को भी नष्ट करती है। बर्फ गिरने से पहाड़ों पर उगने वाले फलों में रस और मिठास की मात्रा बढ़ती है। पूरे ब्रह्माण्ड में सिर्फ धरती पर ही जीवन है तो उसके कुछ कारण है। पहाड़ों पर जमी बर्फ भी उन कारणों में से एक है। आओ इस बर्फबारी का मजा ले।
अमित यायावर

aakritipr@gmail.com

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