थमने का नाम नहीं ले रही आम आदमी पार्टी में छिड़ी जंग

राज्य सभा चुनाव में पैराशूट से उम्मीदवार उतारने को लेकर आम आदमी पार्टी में जंग तेज हो गई है। इस जुबानी जंग की शुरुआत दिल्ली सरकार में मंत्री गोपाल राय ने की है। कुमार विश्वास ने भी अपने पर हुए हमले का करारा जबाव दिया है। राज्य सभा के लिए नामांकन पत्र भरने का काम पूरा हो गया है। इसके साथ ही आप के संयोजक अरविन्द केजरीवाल पर पैसे लेकर राज्य सभा की टिकट बेचने के आरोप लग रहे है। कयास लगाए जा रहे है कि अब कुमार विश्वास का रहना मुश्किल होने वाला है।

राज्य सभा के लिए कुमार विश्वास और आशुतोष के नाम शुरू से चर्चा में थे। लेकिन आप संयोजक अरविन्द केजरीवाल ने अपने खास संजय सिंह के अलावा दो बाहरी एनडी गुप्ता और सुशील गुप्ता को टिकट देने का निर्णय लिया। दोनों बाहरी उम्मीदवार केजरीवाल की बिरादरी से संबंध रखते है और उनकी गिनती मालदार लोगों में होती है। सूत्रों का कहना है कि दोनों को टिकट देने का फैसला छह महीने पहले ही ले लिया गया था। टिकट के बदले पैसे के लेनदेन की बात भी चल रही है। एक टिकट के बदले पचास करोड़ रूपये तक के दावे किए जा रहे है। टिकट न मिलने पर नाराज कुमार विश्वास को संजय सिंह ने मनाने की बात कही थी। लेकिन गोपाल राय ने सारा खेल ही बदल दिया।

दरअसल गुरुवार को गोपाल राय कार्यकर्ताओं को राज्य सभा में बाहरी उम्मीदवारों को भेजने के पीछे का लोजिक समझाने के लिए फेसबुक पर लाइव थे। इस दौरान किसी कार्यकर्ता ने कुमार विश्वास की नाराजगी का जिक्र कर दिया। गोपाल राय ने जबाव दिया कि नाराज पार्टी को कुमार विश्वास से होना चाहिए। वे पार्टी से किए वायदे पूरे करने की बजाय छीछालेदर करवा रहे है। गोपाल राय ने कुमार विश्वास पर केजरीवाल सरकार गिराने की साजिश रचने के आरोप भी लगा दिए। शुक्रवार को जबाव देते हुए कुमार विश्वास ने गोपाल राय की तुलना एक्शन फिल्म बाहुबली 2 के कटप्पा से कर दी। विश्वास ने कहा कि उसे मारने के लिए अब रोज नए कटप्पा आएंगे।

असल में आम आदमी पार्टी की स्क्रिप्ट पुरानी है पर किरदार बदल गए है। योगेंद्र यादव को पार्टी से निकालने के समय कुमार विश्वास वहीं भूमिका निभा रहे थे जो आज गोपाल राय ने संभाल रखी है। इसीलिए कुमार विश्वास का टिकट कटने के बाद सबसे पहला ट्वीट योगेंद्र यादव की तरफ से आया। उसके बाद राज्य सभा को लेकर सोशल मीडिया पर शुरू हुई जंग थमने का नाम नहीं ले रही।

अमित यायावर

aakritipr@gmail.com

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