क्या सट्टेबाजी का जरिया बन गए है बिट क्वाइन ?

दुनिया भर की तरह भारत में भी खासतौर पर युवाओं में सरकार बिट क्वाइन को लेकर दिलचस्पी बढ़ रही है। लेकिन भारत सरकार के इनकम टैक्स विभाग ने पांच शहरों में स्थित नौ बिट क्वाइन एक्सचेंजों पर छापेमारी करके अपने इरादे साफ़ कर दिए है। इसके बाद निवेशकों में यह सवाल पूछा जाने लगा है कि क्या चीन की तरह भारत सरकार भी बिट क्वाइन को अवैध घोषित करने जा रही है ?

विकीपीडिया के अनुसार बिट क्वाइन का इजाद सातोशी नाकामोटो नाम के एक अज्ञात व्यक्ति या समूह ने 2009 में किया था। फरवरी 2015 तक दुनिया भर में एक लाख से ज्यादा व्यापारी इसे भुगतान के माध्यम के रूप में स्वीकार कर रहे थे। कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी के एक शोध के अनुसार 2017 तक तीस से साठ लाख लोग इस तरह की मुद्रा का उपयोग कर रहे है। कुछ माहिर इसे भविष्य की मुद्रा मानते है। अन्य इसे मात्र सट्टेबाजी का जरिया बता रहे है। भारत में भी बिट क्वाइन की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है। एक बिट क्वाइन की कीमत ग्यारह लाख रूपये तक पहुंच गई है। हर महीने पांच हजार से दस हजार रूपये तक का कारोबार होता है। हर रोज पचास हजार नए निवेशक बिट क्वाइन के लिए अपना नाम दर्ज करवा रहे है।

इनकम टैक्स विभाग ने दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद, बैंगलुरु और कोच्चि में नौ वर्चुअल करंसी का काम करने वाली कंपनियों पर छापेमारी की है। इनमें जेबपे, उनो क्वाइन, क्वाइन सिक्योर, बिट सोसो प्रमुख है। पिछले कुछ समय में इन कंपनियों के कारोबार में जबरदस्त उछाल देखा गया था। कार्यवाही इनकम टैक्स एक्ट की धारा 133 ए के अधीन की गई है। मकसद यह देखना बताया गया है कि बिट क्वाइन में निवेश की आड़ में टैक्स की चोरी तो नहीं की जा रही। इससे पहले सरकार को बिट क्वाइन से होने वाले लाभ को घोषित करने वाले पर दो सौ प्रतिशत जुर्माना लगाने की बात कह चुकी है। इसके बाद बिट क्वाइन का कारोबार करने वाले समुदाय में दहशत का माहौल है।

वित्त मंत्री अरुण जेतली ने पिछले महीने ही साफ़ कर दिया था कि सरकार बिट क्वाइन को अभी तक क़ानूनी नहीं मानती। यह बयान सुप्रीम कोर्ट द्वारा रिजर्व बैंक और संबंधित मंत्रालयों को बिट क्वाइन को लेकर रेगुलारी मेकेनिज्म बनाने के लिए नोटिस जारी करने के बाद आया था।
अमित यायावर

aakritipr@gmail.com

 

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